शॉर्ट सर्किट से बिजली मीटर में लगी थी आग
नई दिल्ली। अनाज मंडी इलाके की जिस चार मंजिला इमारत में फैक्टरी चल रही थी, वहां एक दो नहीं बल्कि मशीनों की 15 यूनिटें लगीं हुई थीं। हर मंजिल पर पांच कमरे थे और लगभग हर कमरे में एक-एक यूनिट थी। क्राइम ब्रांच टीम की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ कि इमारत में सौ से ज्यादा लोग रहते थे। रविवार तड़के जब आग लगी तो दूसरी मंजिल पर सबसे पहले बिजली के मीटर में स्पार्किंग हुई और वहीं से आग ऊपरी मंजिलों की ओर बढ़ती चली गई। टीम फैक्टरी के मालिक रेहान के मैनेजर फुरकान को मंगलवार दोपहर घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी। टीम अब जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां करेगी, जिनमें रेहान का भाई इमरान, रिश्तेदार सोहैल समेत चार से पांच लोग शामिल हैं।
अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर आशीष दुबे की टीम मैनेजर फुरकान को दोपहर करीब 12:30 बजे घटनास्थल पर लेकर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक जांच की। इसके अलावा पहली व दूसरी मंजिल की 3 डी स्कैनिंग कराई गई। शुरुआती जांच में ये बात सामने आई कि सबसे पहले आग दूसरी मंजिल के बिजली मीटर में लगी थी। जांच में पुलिस को मौके से कोई अंगीठी या हीटर आदि नहीं मिला है, ऐसे में फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता कि आग इनकी वजह से लगी।
न्यायिक जांच के साथ नहीं हो सकती सीबीआई जांच: कोर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अनाज मंडी अग्निकांड की न्यायिक जांच के साथ ही सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यह प्रारंभिक चरण है और अधिकारियों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने याची वकील अवध कौशिक से कहा कि इस मामले की जांच को लेकर संबंधित विभाग से कोई गलती की जाती है तो एक निर्धारित समयावधि के बाद वह फिर से मामले की न्यायिक जांच के लिए नई याचिका दायर कर सकता है।